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A personal blog by Pavan Kumar "Paavan"
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7:19 PM
Article Published by : PAVAN KUMAR SHARMA,' PAAVAN &MAAHIR
#ग़ज़ल की साधना: राज़ नवादवी के साथ (GKSRKS) ग़ज़ल गुरु प्रोग्राम, मिर्ज़ा ग़ालिब ग़ज़ल शिक्षण संस्थान, भोपाल, भारत ============================== #अभ्यास- 26 -------------- दिनांक- 24/10/2026 नये विद्यार्थियों के लिए. अगर पुराने विद्यार्थी भी भाग लेना चाहें तो स्वागत है. यद्यपि मेरा काम बढ़ जाएगा लेकिन सीखने की प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेने के प्रति उनकी तत्परता से मुझे दिली ख़ुशी होगी. इसलिए, संभव हो तो अवश्य भाग लें. हाँ, हर कोई समय सीमा के अंदर अपने टास्क को संपन्न करे. इसके लिए पूरे हफ़्ते भर का समय है. मगर ध्यान दिए रहे कि अभी मैं एक दो अभ्यास और देने वाला हूं इस हफ़्ते के लिए. #आपका टास्क है- 1. दी गयी ज़मीन, बह्र, अथवा क़ाफ़िया-रदीफ़ के लिए सबसे पहले क़वाफ़ी का चुनाव करें जिन्हें आप अपनी ग़ज़ल में इस्तेमाल करेंगे 2. इस चुनाव में हर क़ाफ़िये का अपने मन में रदीफ़ के साथ विचार करना सहायक होता है. अर्थात हर क़ाफ़िये को रदीफ़ के साथ मन में आजमाएं और फिर अपना सानी मिसरा बनाएं. 3. इसका अर्थ हुआ कि ग़ज़ल लिखने के क्रम में आपकी पहली प्रक्रिया होगी किसी विशेष क़ाफ़िये के साथ रदीफ़ मिलाकर अपना सानी मिसरा बनाना. 4. सानी मिसरा बन जाने के बाद उसके ऊला मिसरे पर विचार करना और मुकम्मल शेर कहना 5. मेरी सलाह है कि आप सबसे पहले मतला कहने का प्रयास करें. बाक़ी अशआर उसके बाद. आज के क़ाफ़िया-रदीफ़ और बह्र इस प्रकार हैं -👇👇 #मापनी- 2122-1212-22 #अरकान- फ़ाइलातुन-मुफ़ाइलुन-फ़ेलुन #बह्र- बह्र-ए-ख़फ़ीफ़ मुसद्दस मख़बून महज़ूफ़ #क़ाफ़िया- ख़्याल (आल की तुक) #रदीफ़- देते हो #रेख़्ता क़ाफ़िया का लिंक- https://www.rekhta.org/qaafiya/rhyming-words-of-%e0%a5%99%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2?lang=hi #मिसरा- लफ़्ज़ को तुम ख़्याल देते हो #शेर- मैं तो बस धुन में डाल देता हूँ लफ़्ज़ को तुम ख़्याल देते हो // @राज़ नवादवी #इसी बह्र पर लिखे गये कुछ फ़िल्मी गीत ***************************** 🎻 फिर छिड़ी रात बात फूलों की 🎻 तेरे दर पे सनम चले आये 🎻 आप जिनके करीब होते हैं 🎻 बारहा दिल में इक सवाल आया 🎻 यूँ ही तुम मुझसे बात करती हो, 🎻 तुमको देखा तो ये ख्याल आया, 🎻 मेरी किस्मत में तू नहीं शायद 🎻 आज फिर जीने की तमन्ना है 🎻 ये मुलाकात इक बहाना है 🎻 मै हवा हूँ कहां वतन मेरा 🎻 जब भी ये दिल उदास होता है 🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁
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