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A personal blog by Pavan Kumar "Paavan"
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8:43 PM
Article Published by : PAVAN KUMAR SHARMA,' PAAVAN &MAAHIR
FAHAMI BADAYUNI. प्रसिद्ध उर्दू शायर, दिल को छू लेने वाले अशआर और आधुनिक विषयों से प्रभावित करने के लिए प्रसिद्ध.. परेशाँ है वो झूटा इश्क़ कर के वफ़ा करने की नौबत आ गई है ❣️❣️❣️ ख़त लिफ़ाफ़े में ग़ैर का निकला उस का क़ासिद भी बे-वफ़ा निकला ❣️❣️❣️❣️ फ़हमी बदायूनी का परिचय जन्म :04 Jan 1952 | बदायूँ, उत्तर प्रदेश निधन :20 Oct 2024 | बदायूँ, उत्तर प्रदेश फ़हमी साहब ने शायरी में एक ऐसा रंग ईजाद किया है जो उनके हर शेर में मोहर की तरह नज़र आता है। फ़हमी साहब के शेर में आम तौर पर इतने कम अल्फ़ाज़ का इस्तेमाल होता है कि हर लफ़्ज़ की ज़िम्मेदारी बढ़ जाती है। पूछ लेते वो बस मिज़ाज मिरा कितना आसान था इलाज मिरा चारा-गर की नज़र बताती है हाल अच्छा नहीं है आज मिरा मैं तो रहता हूँ दश्त में मसरूफ़ क़ैस करता है काम-काज मिरा कोई कासा मदद को भेज अल्लाह मेरे बस में नहीं है ताज मिरा मैं मोहब्बत की बादशाहत हूँ मुझ पे चलता नहीं है राज मिरा 🌹🌹🌹🌹🌹 ज़रा मोहतात होना चाहिए था बग़ैर अश्कों के रोना चाहिए था अब उन को याद कर के रो रहे हैं बिछड़ते वक़्त रोना चाहिए था 🌹🌹🌹🌹 प्रसिद्ध ग़ज़ल: "तुम्हें बस ये बताना चाहता हूँ" तुम्हें बस ये बताना चाहता हूँ। मैं तुम से क्या छुपाना चाहता हूँ? कभी मुझ से भी कोई झूठ बोलो, मैं हाँ में हाँ मिलाना चाहता हूँ ये जो खिड़की है नक़्शे में तुम्हारे, यहाँ मैं दर बनाना चाहता हूँ। अदाकारी बहुत दुख दे रही है, मैं सच-मुच मुस्कुराना चाहता हूँ।
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