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A personal blog by Pavan Kumar "Paavan"
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8:33 PM
Article Published by : PAVAN KUMAR SHARMA,' PAAVAN &MAAHIR
5 तरीके नये नये एक ।कलर डाप्लर अल्ट्रासोनोग्राफी टेस्ट(Ultrasound Test) -आजकल जितने भी रेडियोलॉजिकल टेस्ट हैं उनमे अल्ट्रासाउंड टेस्ट सबसे कॉमन टेस्ट में से एक है अल्ट्रासाउंड examination एक बहुत ही common test है और शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने इस टेस्ट का नाम ना सुना हो जब भी पेट में दर्द हो, लिवर या गॉलब्लेडर की परेशानी हो, या घर में नए मेहमान के आने की confirmation करनी हो तो डॉक्टर की सलाह होती है कि-“ए 5 तरीके नये नये एक ।कलर डाप्लर अल्ट्रासोनोग्राफी टेस्ट(Ultrasound Test) -आजकल जितने भी रेडियोलॉजिकल टेस्ट हैं उनमे अल्ट्रासाउंड टेस्ट सबसे कॉमन टेस्ट में से एक है अल्ट्रासाउंड examination एक बहुत ही common test है और शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने इस टेस्ट का नाम ना सुना हो जब भी पेट में दर्द हो, लिवर या गॉलब्लेडर की परेशानी हो, या घर में नए मेहमान के आने की confirmation करनी हो तो डॉक्टर की सलाह होती है कि-“एक अल्ट्रासाउंड करवा लीजिए।" आखिर यह Ultrasound क्या चीज़ है? क्या इसमें कोई सुई लगती है या कोई खतरनाक किरणें निकलती हैं? आइए इसे बिल्कुल सीधी भाषा में समझते हैं। मान लीजिए आप एक गहरे कुएं के पास खड़े हैं और नीचे चिल्लाते हैं—आपकी आवाज टकराकर वापस आती है, जिसे हम echo यानी गूंज कहते हैं। अल्ट्रासाउंड मशीन ठीक इसी सिद्धांत पर काम करती है। इसमें कोई हानिकारक X-ray रेडिएशन नहीं होता। इसमें एक छोटी सी डिवाइस होती है जिसे Probe कहते हैं। डॉक्टर त्वचा पर एक ठंडा सा Gel लगाते हैं और इस probe को ऊपर घुमाते हैं। यह मशीन इंसान के कान से न सुनी जा सकने वाली High-frequency Sound Waves (ध्वनि तरंगें) शरीर के अंदर भेजती है। ये तरंगें अंदरूनी अंगों से टकराकर जब वापस आती हैं, तो कंप्यूटर स्क्रीन पर आपके अंगों की एक साफ-सुथरी तस्वीर (Live Image) बना देती हैं। डॉक्टर इसे कब कराने की सलाह देते हैं? शरीर के अंदर किसी भी तरह की हलचल या दिक्कत को पकड़ने के लिए यह सबसे भरोसेमंद और शुरुआती साधन है: * Pregnancy (गर्भावस्था): पेट में पल रहे बच्चे की धड़कन देखने, उसकी ग्रोथ जांचने और सही पोजीशन का पता लगाने के लिए। आजकल तो ये टेस्ट इतना एडवांस हो गया है कि जब बच्चा माँ के पेट में रहता है यानी गर्भ में रहता है और अगर उस बच्चे के पेट के अंदर अगर कोई प्रॉब्लम है तो ये उसको भी दिखा देता है * Abdominal (पेट की समस्याएं): गॉलब्लेडर में पथरी (Gallstones), किडनी स्टोन (Kidney stones), या लिवर में फैट (Fatty liver) Appendicitis, पेशाब की थैली, Spleen देखने के लिए * Musculoskeletal System (जोड़ों और मांसपेशियों की जांच): मांसपेशियों का फटना, लिगामेंट में सूजन, या जोड़ों के आसपास पानी भर जाने पर। * Blood Vessels (नसें): अगर पैरों की नसों में थक्का हो जाना।
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