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A personal blog by Pavan Kumar "Paavan"
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9:19 PM
Article Published by : PAVAN KUMAR SHARMA,' PAAVAN &MAAHIR
आपका बच्चा सिर्फ 'सब्जेक्ट' पढ़ रहा है या 'तनाव' झेलना भी सीख रहा है? आज मैं आपसे एक ऐसी बात करने आया हूँ जो शायद आपकी कोचिंग क्लासेस या किताबों में नहीं मिलेगी। आज हमारे जयपुर और पूरे देश में 'प्रतियोगी परीक्षाओं' (IIT, NEET, UPSC) का माहौल एक 'प्रेशर कुकर' जैसा हो गया है। हर घर में एक छात्र है जो दिन-रात एक कर रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इतने होनहार बच्चे, इतनी मेहनत के बाद भी ऐन वक्त पर क्यों बिखर जाते हैं? जवाब है— मस्तिष्क का पुराना सॉफ्टवेयर। 🧠 एग्जाम में दिमाग 'फ्रीज' क्यों हो जाता है? (विज्ञान की भाषा में) हमारे मस्तिष्क का एक हिस्सा है जिसे हम 'एमिग्डाला' (Amygdala) कहते हैं। हजारों साल पहले यह हिस्सा हमें जंगल में शेर से बचाने के काम आता था। आज शेर तो नहीं है, लेकिन परीक्षा का डर, 'लोग क्या कहेंगे' का डर और 'फेल होने' का डर हमारे दिमाग के लिए उस 'शेर' जैसा ही है। जब छात्र तनाव में होता है, तो उसका दिमाग 'सर्वाइवल मोड' में चला जाता है। ऐसे में सोचने-समझने वाला हिस्सा (Prefrontal Cortex) काम करना बंद कर देता है। नतीजा? आता हुआ सवाल भी गलत हो जाता है और बच्चा 'ब्लैक आउट' महसूस करता है। इसीलिए, हमने विवेकानंद डीप TMS और मनोवैज्ञानिक सेवा केंद्र में एक अनूठी ट्रेनिंग शुरू की है, जिसका आधार है प्रसिद्ध पुस्तक 'बुद्धास ब्रेन' (Buddha’s Brain)। 🧘♂️ क्या है 'बुद्धास ब्रेन' ट्रेनिंग? (दिमाग को रिवायर करना) हम सिर्फ यह नहीं कहते कि "टेंशन मत लो," हम छात्र के दिमाग को Part by Part (हिस्से दर हिस्सा) प्रशिक्षित करते हैं। हम न्यूरोसाइंस और बुद्ध की प्राचीन शांति को एक साथ लाए हैं। अगले 6 महीनों में हम छात्र के मस्तिष्क को 24 सत्रों (Sessions) में इस तरह तैयार करते हैं: 1. नकारात्मकता को बाहर निकालना (Negative Bias Training) दिमाग बुरी खबरों को जल्दी पकड़ता है। हम छात्रों को सिखाते हैं कि कैसे पढ़ाई की छोटी-छोटी जीत (Small wins) को मस्तिष्क में दर्ज करें ताकि आत्मविश्वास पत्थर जैसा मजबूत हो जाए। 2. फोकस और माइंडफुलनेस (Concentration) आजकल 'डिस्ट्रैक्शन' बहुत है। हम सिखाते हैं कि कैसे वर्तमान क्षण (Present Moment) में रहकर 100% एकाग्रता के साथ पढ़ा जाए, ताकि 10 घंटे की पढ़ाई 4 घंटे में पूरी हो सके। 3. तनाव में भी शांति (The Calm System) हम छात्रों को ऐसी तकनीक सिखाते हैं (जैसे 4-4-8 ब्रीदिंग और पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करना), जिससे परीक्षा हॉल में दिल की धड़कन तेज होने पर भी दिमाग बर्फ जैसा ठंडा रहे। 4. प्रेरणा और 'फ्लो स्टेट' (Peak Performance) ज्यादातर छात्र 'बोझ' मानकर पढ़ते हैं। हम सिखाते हैं कि पढ़ाई को 'आनंद' और 'फ्लो' में कैसे बदलें, ताकि वे बिना थके अपनी सर्वश्रेष्ठ परफॉरमेंस दे सकें। अभिभावकों (Parents) के लिए मेरी एक सलाह प्यारे माता-पिता, आपका बच्चा एक मशीन नहीं है। उसे आपकी उम्मीदों के बोझ से ज्यादा आपके भरोसे की जरूरत है। अक्सर अनजाने में हम बच्चों से कहते हैं, "बेटा, बस ये दो साल मेहनत कर लो, फिर ऐश है।" यह वाक्य बच्चे के मन में एक अदृश्य तनाव पैदा करता है। हमें उन्हें सिर्फ 'मेधावी' (Intelligent) नहीं, बल्कि 'मानसिक रूप से लचीला' (Resilient) बनाना है। अगर उसका मन शांत है, तो वह किसी भी परीक्षा को पार कर लेगा। लेकिन अगर मन अशांत है, तो सारी सुख-सुविधाएं और कोचिंग बेकार हैं। अत्याधुनिक Deep TMS (Transcranial Magnetic Stimulation) तकनीक का उपयोग भी करते हैं। यह एक ऐसी वैज्ञानिक पद्धति है जो बिना किसी दवा के, मस्तिष्क के उन हिस्सों को सक्रिय करती है जो एकाग्रता, मूड और याददाश्त के लिए जिम्मेदार हैं। परीक्षा बिना किसी 'मानसिक घाव' के हर विद्यार्थी जब परीक्षा केंद्र से बाहर निकले, तो उसके चेहरे पर थकान या हार का डर नहीं, बल्कि एक 'बुद्ध' जैसी शांति और विजेता वाली मुस्कान हो। प्रिय छात्रों, याद रखना, "लहरों को रोका नहीं जा सकता, लेकिन उन पर तैरना सीखा जा सकता है।" (You can't stop the waves, but you can learn to surf). यदि आप या आपका बच्चा परीक्षा के तनाव, नींद की कमी, याददाश्त की समस्या या घबराहट से जूझ रहा है, तो 6 महीने के सफर में हम आपके दिमाग को सफलता के लिए 'प्रोग्राम' करें।
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