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A personal blog by Pavan Kumar "Paavan"
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9:03 PM
Article Published by : PAVAN KUMAR SHARMA,' PAAVAN &MAAHIR
ग़ज़लغزل: डर है वो मुझसे प्यार मांगेगा और वो भी उधार मांगेगा //1 मुझसे बोसा तो लेके देख कभी शर्त है बार-बार मांगेगा //2 ज़ोहद की एक ही मुसीबत है नफ़्स पे इख़्तियार मांगेगा //3 उसको ही बेक़रार रहना है वो जो हरदम क़रार मांगेगा //4 कौन पड़ता है तेरे पीछे तू सब्र और इंतिज़ार मांगेगा //5 मुझको मय की तलब नहीं कुछ भी पर है तू बेक़रार, मांगेगा //6 'राज़' वो तब'अ से है साहूकार एक देकर हज़ार मांगेगा //7 बोसा- चुम्बन, किस ज़ोहद- संयम का पालन, धर्म परायणता, सांसारिक सुखों का त्याग, पारसाई, विरक्ति, परहेज़गारी नफ़्स पे इख़्तियार- विषय वासना पर नियंत्रण बेक़रार- बेचैन क़रार-चैन, सुकून, शांति तब'अ- स्वाभाव, मिज़ाज
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