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A personal blog by Pavan Kumar "Paavan"
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6:43 PM
Article Published by : PAVAN KUMAR SHARMA,' PAAVAN &MAAHIR
पराजेनेटिक परिवर्तन। मिथाइलेशन एपिजेनेटिक्स इन एक्शन:द हनीबी स्टोरी एपिजेनेटिक्स बताता है कि अंतर्निहित डीएनए अनुक्रम को बदले बिना जीन अभिव्यक्ति कैसे बदल सकती है । एक आकर्षक उदाहरण मधुमक्खियों (एपिस मेलिफेरा) से आता है । रानी और श्रमिक मधुमक्खियां आनुवंशिक रूप से समान हैं,फिर भी वे व्यवहार,शरीर विज्ञान और उपस्थिति में भिन्न हैं। मुख्य अंतर? आहार। रानी मधुमक्खियों को शाही जेली खिलाई जाती है,जबकि श्रमिक मधुमक्खियों को अमृत प्राप्त होता है। रॉयल जेली में ऐसे यौगिक होते हैं जो एंजाइम साइटोसिन मिथाइलट्रांसफेरेज़ को रोकते हैं,जो सामान्य रूप से डीएनए पर साइटोसिन बेस में मिथाइल समूह(–सीएच) जोड़ता है । जब मिथाइलेशन अवरुद्ध होता है,तो कुछ जीन सक्रिय हो जाते हैं,जिससे रानी मधुमक्खी का विकास होता है । वैज्ञानिकों ने भी इस प्रभाव को दोहराया है—शाही जेली जैसी स्थितियों को देखते हुए कार्यकर्ता मधुमक्खियों ने रानी जैसे लक्षण विकसित करना शुरू कर दिया है । यह एपिजेनेटिक्स है: डीएनए मिथाइलेशन या हिस्टोन प्रोटीन में संशोधन जैसे परिवर्तन जो डीएनए अनुक्रम को बदले बिना जीन अभिव्यक्ति को प्रभावित करते हैं । अन्य उदाहरणों में शामिल हैं: हिस्टोन संशोधन (मिथाइल या फॉस्फेट समूह) एक्स-महिला स्तनधारियों में निष्क्रियता,जहां भ्रूण के विकास के दौरान एक एक्स गुणसूत्र बेतरतीब ढंग से बंद हो जाता है । बायोकैमिस्ट्री-एपिजेनेटिक्स-जेनेटिक्स-डीएनए मिथाइलेशन
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